Wednesday, February 8, 2017

उत्तर प्रदेश चुनाव में ,.... मुस्लिम किधर जाएंगे ,...

उत्तर प्रदेश चुनाव में ,....
जिस तरह से ,... हर तरफ ,... शोर मचा है ,....
मुस्लिम का वोट किसको ,....
मुस्लिम किधर जाएंगे ,...
वो दलित (अर्थात मायावती) को अपनायेंगे या ,...
यादव (अर्थात मुलायम) को अपनायेंगे ,...
सबका कहना है ,... मुस्लिम जिधर जायेंगे ,...
ताज उसके सर होगा ,.... हम्म ,....
हम्म ,... फिर एक काम करो ,.... इतना ऐहसान करो ,...
मालिक ,.... हमारे टैक्स के पैसो पर ऐहसान करो ,.... चुनाव में खर्च ना करो ,....
किसी भी ,... जुम्मे की नमाज में ,... जाके उनके वोट डलवा लो ,...
और बता देना ,...
और बता देना ,... कल से हमारा रहनुमा कौन ,....
भरने लगेंगे ,... टैक्स ,... कल से उसी को ,... वो ,..
वो जितना और जिस मद में चाहे ,....
खैर ,... चुनाव के इस लहज़े, तवज्जो और जरुरत से ,...
एक बात ,...
एक बात तो साफ़ है ,.... जिसके पास - जितनी लाठी (वोट),.... भैस (सरकार) उसी की ,...
और हाँ ,...
टैक्स देने वाले ,... ध्यान रखे ,....
"हम दो - हमारे एक",...
क्योंकि अब तुम्हारी ,... दो को पाल पोष के ,....
ईमानदार ,... टैक्स पेयर ,... बनाने की औकात नहीं रही ,... #NagShukl

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Wednesday, February 1, 2017

तालाबों की कहानी ,... आम आदमी की जुबानी

नींद खुल गयी जल्दी...आज सुबह 5.30 बजे ही...तो ...लो ..भाई सुबह की राम राम....और ..एक कहानी सुनो आज....#10 लाख तालाब # सत्या #
1 ) एक पटवारी साहब ने गाँव के किसानो के लिए , ....फ़ाइल में...... मदद करने की सोची...सोचा क्या किया जाये.... किया आर्डर , और गाँव में 5 तालाब खुदवा दिए.....फ़ाइल में.....एक तालाब लगभग 1.50 लाख का.... कितने हुए....7.50 लाख....अंदर.... फिर हो गया ट्रान्सफर.....
2 ) दूसरे आये .....उन्होंने सोचा , किसानो की मदद करने की.....फ़ाइल में.....क्या किया जाये....किया आर्डर ...उन्ही 5 तालाबो की सफाई की...लिखा ,तालाब का पानी बहुत गन्दा है..... किसान बीमार हो सकते है...फ़ाइल में......एक तालाब की सफाई....1 लाख....5 तालाब....कितने हुए.....5 लाख....अंदर.....फिर उनका भी ट्रांसफर हो गया...
3 ) अब आये तीसरे , उन्होंने भी सोचा , .... मदद का....फ़ाइल में...पर करे , क्या ..तालाब भी खुद गए , सफाई भी हो गयी...... लगाया दिमाग....किया आर्डर....ये तालाब गाँव के बीच में है...अंधरे में गाँव के कई लोग और जानवर इसमें गिर जाते है...... इन 5 तालाब को बन्द करना है.....फ़ाइल में.....मिट्टी से पाटना होगा...... एक तालाब का लगभग 1.50 लाख....कितने हुए....7.50 लाख....अंदर.....
. ...तालाब खुद गए , सफाई हो गयी , बन्द भी कर दिए गए....
यूपी में मनरेगा के तहत तालाब बनवाने पर राज्य सरकार के मुताबिक 1 लाख 10 हज़ार रुपए लगते है....आधा सरकार देती है....अपनी तरफ से....केंद्र से आये पैसो से.....जो बजट में मिलता है....किससे क्या बोले .... इस बार 480000000000 (48 हज़ार करोड़ )..... मनरेगा का बजट.....गलती किसकी... ? इनकी ? उनकी ? हमारी ? आपकी ? समाज की ? .......सोचना जरूर.... बताइयेगा....?
अन्नदाता , ..... आकाश की तरफ, देख रहा था , देख रहा है , देखता रहेगा.....और भगवान से बोल रहा , की इस बार अच्छी बारिश हो जाये....ताकि देश की GDP ऊपर जा सके....जिससे विदेशी पूंजी निवेश , आ सके देश में.... जय हो....... #सत्या #

मेरा अस्तित्व बूँद सा ,....या,.. विराट

अजीब हालात है ,..... मेरा अस्तित्व बूँद सा ,....
आजकल ,...
आप communal है या Secular ,...
आप देशभक्त है या देशद्रोही ,...
आप मनुवादी है या समाजवादी ,...
ये सब ,...

ये सब पता चलता है इस बात से की ,... आज आप किस पार्टी का समर्थन  कर  रहे है ,....
तो इस हिसाब से हम कंफ्यूज हैं ,.... आखिर हम हैं क्या ???

उस वक्त तक ,... जब तक हम अरविन्द  लिए ,....
"वो कोने में खड़े खामोश वालंटियर हैं",.... तब तक हम भ्रष्टाचार विरोधी, सहिंष्णु , सेक्युलर है ,....

उस वक्त तक ,... जब तक हम चुपचाप मोदी जी के मन की बात सुनते रहे ,...
तब हम देशभक्त, कम्युनल, असहिष्णु, मनुवादी आदि है ,...

परंतु ,...
परंतु ,... हम चाहे "अरविन्द को" या "मोदी को",... किसी को ,..
किसी को भी ,... अपने मन की बात सुना दें तो ,...

तो ,... हम कुछ नहीं बचते ,....
कुछ नहीं मतलब ,.... कुछ नहीं बचते ,....
ना सेक्युलर , ना कम्युनल , ना मनुवादी , ना समाजवादी , ना सहिंष्णु ,.. ना असहिष्णु,...
कुछ नहीं ,...

और है क्यों ?? ऐसा है और इसलिए है क्योंकि ,....
जब तक चुप रहें ,... तुम्हारे मन की बात सुने ,.... तुम्हारे मन की बात कहें ,...
"हमारा अस्तित्व विराट है " और ,...
और जैसे ही हम ,... अपने मन की कहें ,...
"हमारा अस्तित्व कुछ नहीं है ",... हमारा अस्तित्व बूँद सा,.. #NagShukl
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Thursday, January 12, 2017

एक बार ,... हम अपने कुछ दोस्तों के साथ ,... दारू पी रहे थे ,...

एक बार ,...
हम अपने कुछ दोस्तों के साथ ,... दारू पी रहे थे ,...
हाँ भाई ,... दारु पी रहे थे ,...

तब ,... बातों - बातों में ,... उनमे से एक ने बोला ,....
"ये convent के बच्चे ,... दिखने में ,.... Uncle हो जाते है ,...
पूँछो ,.. किस class में ,....
जवाब आता है ,... जी 8th में ",....

बात दारु के समय की थी ,.... सब हँसे ,...
पर थी बड़ी ,... गहरी और सही ,...

पर दुःख ,....
पर दुःख ,... अब हम भी वही करने को मजबूर है - जिस पर हंसे ,...
क्योंकि ,...
हमारी तो कोई - शिक्षा पद्धति बची ही नहीं ,....
जब हमारी कोई शिक्षा पद्धति बची ही नहीं तो ,...
तो मजबूर है ,....
उनकी अपनाने को ,....

विकास A फॉर Apple से ,..

भारतेन्दु हरिश्चन्द्र,.....
अगर हम सिर्फ इतना लिख कर छोड़ देते ,... तो
कितनो को ,... और क्या याद आता ???
आपका तो पता नहीं ,... पर हमें,...
सिर्फ,...
सिर्फ और सिर्फ एक नाम याद आता,...की हाँ ,...
कोई था "भारतेन्दु हरिश्चन्द्र",....
और यही बात तब भी सत्य होती - जब हम ,...
"आचार्य रामचंद्र शुक्ल" लिख के छोड़ देते या ,...
या ,... 'मैथिलीशरण गुप्त",... या ,... "सूर्यकांत त्रिपाठी",...
या कोई भी ऐसा नाम लिख देते ,...
परंतु ,...
परंतु ,... यदि हम लिख देते ,... "शेक्सपियर" या लिख देते ,...
"टैगोर",... या लिख देते "हरिबंश राय",...तो ,..
तो ,... हमारे साथ - साथ ,... आपको भी ,...
ना सिर्फ नाम याद आता ,... वरन उनका व्यक्तिव ,... चरित्र ,... रचनायें ,...
आदि - इत्यादि ,... याद आता ,...
है की नहीं ???
यदि ये सही है तो ,...
तो सवाल उठता है की ,... ऐसा क्यों है ???
क्यों भुला दिया ,.. हमने तुमने ,... इन सबको ??
क्या अर्थहीन थे ??
क्या इन्होंने अपना जीवन - व्यर्थ गुजार दिया ??
क्या इन्होंने ऐसा कुछ नहीं दिया ,... जिसे पढ़ा और गुना जा सके ??
यदि ये सही है तो ,... वाकई इनका नाम ,... इनकी सोंच शख्सियत सब मिट जानी चाहिये ,...
परंतु ,...
"सोंच शख्सियत सब मिट जानी चाहिये",.... के सवाल पर ,... हाँ
हाँ बोलने से पहले ,...
ज़रा इसे पढ़ो ,...
निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल
बिन निज भाषा-ज्ञान के, मिटत न हिय को सूल ।
अंग्रेजी पढ़ि के जदपि, सब गुन होत प्रवीन
पै निज भाषा-ज्ञान बिन, रहत हीन के हीन ।
और,... और अब इसे पढ़ो ,....
नर हो न निराश करो मन को
कुछ काम करो कुछ काम करो
जग में रह के निज नाम करो।
यह जन्म हुआ किस अर्थ अहो!
समझो जिसमें यह व्यर्थ न हो।
कुछ तो उपयुक्त करो तन को
नर हो न निराश करो मन को।
क्या लगा - पढ़ कर ??,...
क्या ये सब व्यर्थ था ?? क्या ये सब अर्थहीन है ??,...
क्या इसे मिट ही जाना चाहिए ???
गर ऐसा लगा तो ,... ठीक ,...
कोई बात नहीं ,... परंतु ,...
यदि ऐसा नहीं लगा तो ,...
तो ,... क्या ???
तो भी ,...
इसे मिटना ही पड़ेगा ,... समय के साथ - साथ ,...
ठीक वैसे ही ,... जैसे ,...
जैसे ,...पुराण मिटे ,.... वेद मिटे ,....
रामायण मिटी ,... गीता मिटने को है ,....
और ऐसा क्यों हुआ ??,... क्योंकि ,...
हम और तुम ,... और सब,...
व्यस्त है ,...
व्यस्त है ,.... अपने ,...
अपने बच्चो के ,... समाज के ,... देश के ,... जाति के,... धर्म के ,... विकास में ,...
विकास ,....
विकास जो शुरू होना चाहिये था ,...
वहाँ से ,... जहाँ से इन्होंने छोड़ा था ,...
पर नहीं ,...
विकास शुरू होता है ,....
A फॉर Apple से ,...
पता है विकास क्यों शुरू होता है ??? A फॉर Apple से ,...
क्योंकि ,... मिटाने की ,... भूलने की,....
आदत है हमारी ,...
नहीं होगा विकास ,...
और तब नहीं होगा विकास ,...
जब तक शुरू होगा ,... ये ,...
A फॉर Apple से ,...
क्योंकि ,... इस बात पर तो ,... तुमको भरोषा जरूर होगा ,...
"Re-inventing the wheel - is waste of time,..."
बाँकी ,...
बाँकी ,... हम भी व्यस्त है ,... तुमभी व्यस्त है ,...
विकास में ,... A फॉर Apple से ,...
हो चुका विकास ,...
यूँ पीछे ,... चल चल के ,...
हो चुका विकास ,...
यूँ भूल के - भुला के ,... मिटा के ,...
A फॉर Apple से ,...
दोस्त ,...
विकास हुआ जिनका भी ,...
चाहे चीन हो ,... जापान हो ,... जर्मनी हो या फ़्रांस हो ,...
A फॉर Apple से ,... नहीं ,...
वहाँ से ,... जहाँ से ,...
आगे बढ़ाने की जिम्मेवारी मिली - उनको ,...
पर तुम ,.. पर हम ,... व्यस्त है ,...
चलो ,.. लग जाओ विकास में ,... अब ,...
तुम भी ,... हम भी ,... #NagShukl

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Friday, January 6, 2017

लिख तो हम ,... पूरी महाभारत देते ,...

दोस्त ,....
लिख तो हम ,... पूरी महाभारत देते ,...
पर  दुःख ,... कलयुग में ,.. हमें ,...

हर तरफ ,... सिर्फ ,...

सिर्फ ,... दुर्योघन दिखे ,...
धृतराष्ट्र दिखे ,.... कर्ण दिखे ,... द्रोन दिखे ,...

युधिष्ठिर ,... दिखे ही नहीं ,...
कृष्ण मिले ,.... तो ,.. पर
पर ,...
चुनाव में मसरूफ मिले ,..

क्या ख़ाक ,... हम महाभारत लिखते ,..

क्या बतायें दोस्त ,..... आज खुदा से मुलाक़ात हो गयी ,....

क्या बतायें दोस्त ,..... आज खुदा से मुलाक़ात हो गयी ,....
जिन्दगी में गर ,..... पैसे कमाना ,....
मजबूरी ना होता ,...
हर कोई अपना ,..... खुदा होता ||
धिक्क्कार है उन पर ,....जो खुदा होकर भी ,...हमारे ,......
फंस गये ,... निन्नयानबे के फेर में ||
मैं सिजदे करता रहा खुदा के ,....
और खुदा ,....
और खुदा ,... खुदी में मसरूफ हो गये ||
क्या करूँ ,.... उस खुदा का ??, ....
जो साथ चल ,....
जो साथ चल ,.... चौराहे पे छोड़ ,....
खुद नदारद हो गये ||
आज भी ,.... खाली पड़े है आले ,...
आज भी ,.... खाली पड़े है आले ,...
और हम ,.....
और हम ,..... हम सुबह शाम ,....
नमाज पढ़ते रह गये ||
जो ना दिखते है ,.... ना सुनते है ,...
नदारद है जो , दुनिया से ,...
ना जाने, कब,... और कैसे ,....
हमारे खुदा हो गये ||
उम्र गुजर गयी खुद ,.... खुदा पहचानने में ,....
सब गँवा के जाना ,....
सब गँवा के जाना ,... खुदा बसता है
नोटों में ,.... खुदा बसता है,... वोटों में ||
मुल्ला,....
मुल्ला यूँ ही,... मस्जिद जा जा के ,...
बदनाम हो गया ,... बर्बाद हो गया ||
आज ,...
आज काफ़िर कहते हैं ,... वो मुझे ,..
वो कह सकते है ,... काफ़िर हमें ,... क्योंकि
क्योंकि खुद ,... खुदा से ,...
जिरह करने करने की ,... उनकी औकात नहीं ||
,....#NagShukl #MyFridayEvening